Friday, 18 October 2013

स्टाफ की कमी बनी सफाई के आगे रोड़ा

स्टाफ की कमी बनी सफाई के आगे रोड़ा Dec 23, 2011, 04.00AM IST 1 वरिष्ठ संवाददाता ॥ नई दिल्ली कर्मचारियों की कमी सफाई के रास्ते का रोड़ा बनी हुई है। कुछ इलाकों में दर्जनों सफाई कर्मचारी हैं तो कहीं एक भी नहीं हैं। सबसे ज्यादा बेहाल अनधिकृत कॉलोनियां हैं। यही वजह है कि बड़ी सड़कों पर जहां मिकैनिकल स्वीपर से सफाई हो रही है वहीं कॉलोनियों की सड़कों पर कचरा बिखरा रहता है। गुरुवार को आयोजित एमसीडी सदन की बैठक में यह मुद्दा जोर-शोर से उठा। दोनों पक्षों के नेता अधिकारियों पर जमकर बरसे। सदन के नेता सुभाष आर्य द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में अधिकारियों ने बताया कि पूरी दिल्ली से रोजाना छह हजार से 6500 मीट्रिक टन कचरा इकट्ठा होता है। कचरा उठाने का काम चार प्राइवेट कंपनियों को सौंपा गया है। सिविल लाइन, रोहिणी और द्वारका में घर-घर से कचरा उठाने की व्यवस्था की गई है। अन्य इलाकों से ट्रक, टेंपो के जरिए ढलावों से कचरा उठाकर भलस्वा, ओखला और गाजीपुर लैंडफिल साइट पर पहुंचाया जाता है। पूरी दिल्ली की 60 फुट से चौड़ी सड़कों की सफाई के लिए 28 मिकैनिकल स्वीपर मशीनें लगाई गई हैं, जिनमें से 27 काम कर रही हैं। इससे सड़कों की सफाई व्यवस्था में सुधार आया है। साफ सफाई के लिए पूरी दिल्ली में 36,419 रेग्युलर सफाई कर्मचारी, 2,785 डेलीवेजेज और 59,711 सब्सिच्यूट सफाई कर्मचारियों के पद हैं, मगर कई अनधिकृत कॉलोनियों में एक भी कर्मचारी की तैनाती नहीं हुई है। सिटी जोन, करोल बाग, सदर पहाड़गंज की अनधिकृत कॉलोनियों के लिए एक भी कर्मचारी नहीं है। साउथ जोन में सिर्फ 304 डेली वेजेज कर्मचारियों से काम चलाया जा रहा है। सेंट्रल जोन में 583 सब्सिच्यूट कर्मचारी हैं और वेस्ट जोन में 722। कुछ ऐसी ही हालत रोहिणी, सिविल लाइन, नरेला, रोहिणी, नजफगढ़, शाहदरा साउथ और शाहदरा नॉर्थ जोनों की भी है।

साउथ दिल्ली की तंग गलियों में फैले कूड़े-कचरे को उठाने के लिए साउथ एमसीडी ने नई पहल की है

तंग गलियों से भी कूड़ा उठाएंगे ये रिक्शे 0 नवभारत टाइम्स | Jun 27, 2013, 08.00AM IST सिविक सेंटर : साउथ दिल्ली की तंग गलियों में फैले कूड़े-कचरे को उठाने के लिए साउथ एमसीडी ने नई पहल की है। इन गलियों में डोर टु डोर गारबेज कलेक्शन के लिए और घरों के बाहर सड़क पर पड़े कूड़े को उठाने के लिए साउथ एमसीडी नए तरह के रिक्शे ला रही है। साइकल से खींचे जाने वाले इन रिक्शों की डिजाइन दूसरे रिक्शों से काफी अलग होगी और इनकी बॉडी भी फाइबर की होगी, जिससे इन्हें आसानी से खींचा जा सकेगा। साउथ

भारत बना दुनिया का सबसे बड़ा कचराघर

भारत बना दुनिया का सबसे बड़ा कचराघर Monday, April 8, 2013, 8:41 मुद्दा Dumping Yard1पिछले दिनों ब्रिटेन में जारी एक रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े कचड़ा घर में तब्दील हो गया है। दुनिया के विकसित देश स्वयं को स्वच्छ रखने के लिए अपना कूड़ा-कचरा विकाशील देशों विशेषकर भारत, इंडोनेशिया और चीन में डम्प कर रहे हैं। रिसाइकिलिंग के नाम पर जमा हो रहे कचरे के चलते भारत विष्व के सबसे बड़े कचरा घर में तब्दील होता जा रहा है। ब्रिटेन के ‘डिपार्टमेंट आफ इनवायरमेंट फूड एंड रूरल अफेयर’ की ओर से जारी रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि प्रतिवर्ष 12 मिलियन टन के कचरे का आखिर क्या होता है। चिंता की बात यह है कि कचरे को विदेशों खासकर एशिया में भेजने का यह सिलसिला पिछले एक दषक में दूगना हो गया है। कानून कहता है कि विदेश भेजने के बाद कचरे के रिसाइकिलिंग अनिवार्य है, जबकि पर्यावरण विभाग स्वयं यह स्वीकार करता है कि कुछ देशों में रिसाइकिलिंग के नाम पर कचरा जलाया या घरती में दबाया जा रहा है। भारत में जितनी मात्रा में कचरा घरती में दबाया जा रहा है, उतनी ही तेजी से लैंडफिल गैसों के उत्सर्जन का खतरा बढ़ रहा है। घरती म दबे कचरे से लैंडफिल गैसों का उत्सर्जन होता है जिससे पर्यावरण बुरी तरह प्रभावित होता है। जनता में भयानक बीमारियां पैदा होती है। घ्यान रहे कि लैंडफिल गैंसों के कारण कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी भी हो सकती है। Dumping Yard2पहले विकसित देश भी अपना कूड़ा धरती में दफना देते थे, किन्तु इस पर प्रतिबंध लगने के कारण उन्होंने अपना कचरा डम्प करने के लिए उन देशों की तलाष की जहां रिसाइकिलिंग करने के नाम पर कचरा निर्यात किया जा सके। आष्चर्य होगा, किन्तु विष्व के 105 देश अपना औद्योगिक कचरा भारत भेजते हैं। पर्यावरण एजेंसियां इस बात पर चिंता जाहिर कर ही हैं कि जितना कचरा विदेशों से भारतीय बंदरगाहों पर आता है उसमें से महज 40 या 50 फीसदी कचरा ही रिसाईकिल हो पाता है, बांकि या तो जला दिया जाता है या फिर धरती में दबा दिया जाता है। चिंता की बात यह है कि सिर्फ अमीर देशों को भी इसके लिए दोष नहीं दिया जा सकता। इन देशों में बकायदा कचरा निस्तारण के लिए कानुन बने है। किन्तु भारत सरकार सारे खतरे को जानने के बाद भी इस संबंध में कोई कानून नहीं बना रहा है। महज कुछ आर्थिक फायदों के लिए भारतीय कानून पर्यावरण और भारत की जनता की जान के लिए इतना बड़ा खतरा मोल ले रहा है। दुनिया में चिंता का विषय बन चुके कचरा निस्तारण पर गंभीर कदम उठाने के बजाय भारत सरकार बेसल कन्वेंषन को समर्थन दे रहा है। यह ऐसी नीति है जिसके अन्तर्गत भारत अपने बंदरगाहों पर विकसित देशों को अपना कचरा निर्यात करने की सहमति देता है। विकसित देश धड़ाधड़ अपना कचरा भारत में डम्प कर रहे हैं।

नगर निगम हाउस ने सेक्टर 22 में 16 अप्रैल से डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन पॉयलट प्रोजेक्ट को शुरू करने की मंजूरी दे दी। इसके सफल होने पर तीन महीने बाद दूसरे सेक्टरों में प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे।

नगर निगम हाउस ने सेक्टर 22 में 16 अप्रैल से डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन पॉयलट प्रोजेक्ट को शुरू करने की मंजूरी दे दी। इसके सफल होने पर तीन महीने बाद दूसरे सेक्टरों में प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। इसके तहत रेजिडेंशियल एरिया , बूथ और सिंगल एससीओ व एससी एफ पर गारबेज कलेक्शन चार्जेज 30 से 75 रुपये होंगे। वहीं मंदिर और गुरुद्वारा को चार्जेज फ्री किए जाने की सिफारिश भी की गई। धोबी घाट के चार्जेज फाइनल नहीं हो सके। नगर निगम कमिश्नर वीपी सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट की डायरेक्शन पर सेक्टर 22 में डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन के पायलट प्रोजेक्ट को शुरु किया जा रहा है, अगर यह प्रोजेक्ट तीन महीने तक सफल रहता है तो इसे शहर के दूसरे सेक्टरों में शुरू किया जाएगा। सेक्टर में पहले से गारबेज डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन में लगे कर्मचारियों को ठेकेदार द्वारा रखने की प्राथमिकता दी जाएगी। अगर कर्मचारी ठेकेदार के साथ काम करना नहीं चाहते तो दूसरे आदमियों को मौका दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को शुरू किए जाने के लिए एरिया काउंसलर और अधिकारियों के साथ पिछले आठ दिन से कार्य करने में लगे हैं। भाजपा के अरुण सूद ने टिप्पणी की , सभी प्रोजेक्ट प्रदीप छाबड़ा के वार्ड से ही क्यों शुरू किए जा रहे हैं। इस पर निगम कमिश्नर वीपी सिंह ने कहा कि यह सेक्टर 22 में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जा रहा है। अगर यह तीन महीने में सफल रहता है तो दूसरे सेक्टरों में भी लागू होगा। इसपर सूद और भाजपा के अन्य पार्षदों ने कहा कि हमारे वार्ड से सेक्टरों में भी इसे लागू किया जाए। निगम कमिश्नर ने कहा कि जरूर। भाजपा की आशा जसवाल ने कहा कि तय किए गए रेट फ्लोर वाइज होने चाहिए। पांच मरला और सात मरला की कोठियों में फस्र्ट और सेकंड फ्लोर पर रहने वालों की आपस में लड़ाई झगड़ा होगा। कांग्रेस के प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि गारबेज कलेक्शन चार्जेज रेजिडेंट्स और मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन्स के साथ मीटिंग करके तय किए गए हैं। अगर कोठियों में पानी के दो मीटर लगे हैं तो उनपर प्रति मीटर अलग से चार्जेज होंगे। अभी मंदिर , गुरुद्वारा में चार्जेज तय नहीं किए गए हैं। इसपर मनोनीत पार्षद सतपाल बंसल, भाजपा के देवेश मौदगिल व अन्य ने कहा कि धार्मिक स्थलों को छोड़ा जाए। कूड़ा उठाने के चार्जेज 12 व 13 टाइप हाउसेस- 30 रुपये 9, 10, 11 टाइप हाउसेस-40 रुपये 5 मरला कोठी- 50 रुपये 7 मरला कोठी -60 रुपये 10 मरला कोठी-75 रुपये शास्त्री मार्केट, वेजिटेबल मार्केट बूथ-30 रुपये अन्य बूथ-40 रुपये जूस/पान/ चाट/हलवाई शॉप-100 रुपये रेस्टोरेंट ग्राउंड फ्लोर- 150 रुपये एससीओ/एससी एफ- 75 रुपये होटल/ एससीओ/एससी एफ सिंगल बे- 150 रुपये होटल/सिंगल वेज एससीओ ग्राउंड फ्लोर- 150 रुपये होटल सिंगल वे/एससीओ/एससी एफ फस्र्ट/ सेकंड फ्लोर- 100 अरोमा/पिकाडली/सनबीम होटल- 2 हजार रुपये किरण सिनेमा- 2 हजार स्कूल/पॉलीक्लिनिक/वेटनरी हॉस्पिटल- एक हजार रुपये टैक्सी स्टैंड- 150 रुपये कोयला डिपू- 300 रुपये पेट्रोल पंप- 250 रुपये क्रैच-100 रुपये

Tuesday, 24 September 2013

कूड़ा बीनने वाले बचा सकते हैं पर्यावरण


कूड़ा बीनने वाले बचा सकते हैं पर्यावरण Updated on: Sun, 18 Nov 2012 07:13 PM (IST) बरेली: रोज के कचरे और उसमें मौजूद प्लास्टिक के नुकसान पर कई संस्थाएं और सरकार जागरूक करती रहती हैं। उपजा प्रेस क्लब में रविवार को अखिल भारतीय कबाड़ी मजदूर महासंघ (एआइकेएमएम) और असंगठित श्रमिक अधिकार मोर्चा (यूएलआरएफ) ने सेमिनार करके आसान और न्यायसंगत रास्ता सुझाया। सेमिनार में असंगठित श्रमिक अधिकार मोर्चा के महासचिव हरीश पटेल ने कहा कि कूड़ा उठाने वाली आबादी समाज में अछूत की तरह हाशिये पर है। कूड़ा बीनकर उसकी छंटाई और रिसाइकिलिंग में योगदान को फिर भी नजरंदाज किया जाता है। पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज के जिलाध्यक्ष यशपाल सिंह ने कहा कि यह मानवाधिकार कानूनों के लिए चिंतनीय विषय है। इस अहम कड़ी से जुड़ी आबादी को कानूनी तौर पर इज्जत देकर नगर पालिका का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। यूएलआरएफ के मुश्ताक हुसैन ने कहा कि सॉलिड वेस्ट को बेहतर तरीके से निस्तारित किया जाए तो पर्यावरण की काफी रक्षा की जा सकती है। सेमिनार में बताया गया कि दस दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर एआइकेएमएम का राष्ट्रीय सम्मेलन होगा। अगले दिन गोष्ठी होगी, जिसमें दूसरे देशों के विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। आयोजन में मजदूर मंडल के लक्ष्मण सिंह राणा, इंकलाबी मजदूर केंद्र के सतीश कुमार, टीडी भास्कर, चंद्रपाल सिंह आदि शामिल हुए। पेश किया मॉडल एआइकेएमएम की ओर से कूड़ा निस्तारण के लिए पेश किए मॉडल में बताया गया कि कुल कचरे का 80 फीसद घरों से ही पैदा होता है। जिसमें 50 फीसदी जैविक कचरा को बायो गैस आदि से और 30 फीसद को रिसाइकिलिंग के जरिये सामुदायिक स्तर पर निपटाया जा सकता है। केवल 20 प्रतिशत कचरा ही ऐसा होता है, जिसे समाप्त करना होगा। कचरे की छंटाई के लिए मौजूदा कूड़ा बीनने वालों को ही लगाया जा सकता है। इस मॉडल पर बेंगलोर में काम किया जा रहा है। इसको संचालित कराने के लिए महासंघ नगर निगम को मुफ्त सेवा देने को तैयार है। यह भी जानें कूड़ा बीनने वाले हर साल 9 लाख 62 हजार 133 टन कार्बन डाईऑक्साइड गैसों को अप्रभावी बनाते हैं। यह एक लाख 75 हजार मोटर वाहनों से उत्सर्जित की जाने वाले प्रदूषण के बराबर है। सिर्फ दिल्ली में साढ़े तीन लाख लोग कूड़ा बीनने के व्यवसाय में सीधे या अप्रत्यक्ष तौर पर लगे हैं। --------------------- बांझ तक बना सकता है सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट अखिल भारतीय कबाड़ी मजदूर महासंघ के सचिव शशि भूषण पंडित ने दैनिक जागरण से बातचीत में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट पर भी बेबाक राय जाहिर की। उन्होंने बताया कि रविवार को प्लांट जाकर भी देखा। उन्होंने कहा कि कचरा में 70 फीसद प्लास्टिक होती है, जिसके निस्तारण में 90 फीसद क्लोरीन का उत्सर्जन होगा और डाईऑक्सीन गैस वातारण में घुलेगी। इन गैसों का असर पशु और मानव दोनों में बांझपन, हृदय रोग आदि पैदा कर सकता है।

एक पुरस्कार कूड़ा बीनने वालों के नाम


एक पुरस्कार कूड़ा बीनने वालों के नाम शनिवार, 10 मार्च, 2012 को 07:04 IST तक के समाचार चिंतन की कोशिशों से पिछले 5 सालों में भारत के करीब 20 हज़ार कूड़ा बिनने वालों को मदद मिली है. भारत में कूड़ा बिनने वालों की मदद करने वाली संस्था चिंतन को अमरीकी विदेश मंत्रालय की ओर से ‘इनोवेशन अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है. पहली बार दिया गया यह पुरस्कार चिंतन को कूड़ा करकट बिनने वाले लोगों को संगठित करने और उनकी मदद के ज़रिए पर्यावर्ण की रक्षा करने के लिए दिया गया है. इससे जुड़ी ख़बरें निजीकरण की कोशिशों से कचरा उठाने वाले परेशान 'अपना कूड़ा वापस ले ब्रिटेन' कूड़े से बनाई सड़कें ! इसी विषय पर और पढ़ें अमरीका, भारत चिंतन की निदेशक भारती चतुर्वेदी पुरस्कार लेने के लिए वॉशिंगटन पहुंची. पुरस्कार लेने के बाद बीबीसी से बात करते हुए भारती चतुर्वेदी ने कहा, “मुझे बहुत खुशी है कि अमरीकी विदेश मंत्री हिलरी क्लिंटन ने कूड़ा बिनने वालों को एक तरह से सम्मानित किया है. क्यूंकि हमारे अपने देशों में तो हमें बहुत लड़ना पड़ता है सिर्फ यह समझाने के लिए कि कूड़ा बीनने वाले लोग भी इंसान हैं औऱ बहुत ज़रूरी काम करते हैं, इनके बिना हमारे शहर साफ़ नहीं रहेंगे. ” उन्होंने कहा कि मैं उम्मीद करती हूं कि मैं अपने देश में भी कूड़ा बीनने वालों के प्रति ऐसी ही भावनाएं रखने का संदेश लेकर जाऊंगी. "भारत के कई शहरों में कूड़े को रिसाइकल करने के लिए कूड़ा बीनने वाले कर्मचारियों की मदद चाहिए होती है. इन लोगों के कारण ही कूड़े में 20 प्रतिशत तक की कटौती भी होती है. लेकिन कूड़े के ढेर में से ऐसी चीज़ें चुनना जिनको रिसाईकल किया जा सकता है, यह खतर्नाक और गंदगी से भरा काम है. इसके अलावा इनके स्वास्थ्य को भी खतरा होता है. " हिलरी क्लिंटन, अमरीकी विदेश मंत्री चिंतन समेत यह पुरस्कार उन संस्थाओं को दिया गया है जो कुछ अलग करके समाज में बदलाव लाने और लोगों के उत्थान में मदद करती हैं. इस पुरस्कार के साथ चिंतन को 5 लाख डॉलर की राशि भी मिली है. कोई इनकी भी ले सुध वॉशिंग्टन में पुरस्कार वित्रण समारोह में बोलते हुए अमरीकी विदेश मंत्री हिलरी क्लिंटन ने कहा, “भारत के कई शहरों में कूड़े को रिसाइकल करने के लिए कूड़ा बीनने वाले कर्मचारियों की मदद चाहिए होती है. इन लोगों के कारण ही कूड़े में 20 प्रतिशत तक की कटौती भी होती है. लेकिन कूड़े के ढेर में से ऐसी चीज़ें चुनना जिनको रिसाईकल किया जा सकता है, यह खतर्नाक और गंदगी से भरा काम है. इसके अलावा इनके स्वास्थ्य को भी खतरा होता है.” क्लिंटन ने कहा, “चिंतन कूड़ा बिनने वाले कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने और उनको संगठित करने का काम करती है और इसके साथ ही बाल मज़दूरी को भी खत्म करने में मदद करती है. यह संस्था इनको मान्यता दिलाने और इन्हे सुरक्षा और सम्मान दिलाने की हिमायत करती है. ” अमरीकी विदेश मंत्री ने कहा कि चिंतन की कोशिशों से पिछले 5 सालों में भारत के करीब 20 हज़ार कूड़ा बिनने वालों को मदद मिली है. करीब 2000 बच्चों को इस काम से निकाल कर पढ़ाई करने में और जीवन के विकास में लगाया गया है. पुरस्कार लेने के बाद चिंतन की निदेशक भारती चतुर्वेदी ने शुक्रिया अदा किया और कहा कि उनकी संस्था भारत के मध्यम वर्ग की गंदगी उठाकर उसे सामाजिक दौलत में बदलती है. उनका कहना था कि भारत में कूड़ा बिनने वालों को बुरी नज़र से देशा जाता है और उनके बच्चो को भेदभाव के कारण स्कूलों में प्रवेश मिलने में भी दिक्कतें आती हैं. भारत में कूड़े को सही ढंग से ठिकाने न लगाने या रीसाइक्लिंग न करने के कारण 3 प्रतिशत तक ग्रीन हाउस गैस निकलती है. "कूड़ा सिर्फ़ कूड़ा नहीं वह जीविका का साधन भी है और अगर हम उसे जीविका बनाएंगे तो लोगों को रोज़गार भी मिलेगा और पर्यावरण को भी फ़ायदा होगा. " भारती चतुर्वेदी, निदेशक 'चिंतन' भारती कहती हैं, “कूड़ा सिर्फ़ कूड़ा नहीं वह जीविका का साधन भी है और अगर हम उसे जीविका बनाएंगे तो लोगों को रोज़गार भी मिलेगा और पर्यावरण को भी फ़ायदा होगा.” कई शहरों में अब सरकारी सफाई संस्थाएं कई निजी कंपनियों को सफ़ाई और कूड़ा उठाने का ठेका दे रही हैं. इससे यह समस्या पैदा हो रही है कि जब बड़ी बड़ी कंपनियां कूड़ा उठाने का काम करने लगी हैं तो वह लोग जो कूड़ा बिनने को जीविका बनाए हैं उनके रोज़गार को भी अब खतरा पैदा हो रहा है. लेकिन भारती चतुर्वेदी जो दिल्ली विश्वविद्यालय और अमरीका की जान हाप्किंस यूनिवर्सिटी से एमए किए हुए हैं, उन्हे कबाड़ और कबाड़ियों के साथ काम करने की कैसे सूझी. भारती बताती हैं, “दिल्ली में एमए करने के दौरान ही पढ़ाई के अलावा पूरा एक साल मैंने कूड़ा बीनने वालों के साथ बिताया. यह देखने के लिए की यह लोग कैसे काम करते हैं. मुझे जिज्ञासा थी कि इसमें होता क्या है और मुझे आम लोगों का इन कूड़ा बीनने वालों के प्रति रवैय्या बहुत खराब लगा.” पिछले 16 साल से भारती इसी तरह कूड़ा बीनने वालों के साथ काम कर रहीं हैं. और उन्होंने कई बदलाव देखें हैं जैसे अब कबाड़ी संगठित हो रहे हैं और वह शहर को साफ़ रखने में अपना भी योगदान देखते हैं और फक्र महसूस करत हैं. http://www.safaisena.net/hindi/index.htm

हाईटेक शिक्षा लेेंगे कूड़ा बीनने वाले,शहर के स्लम एरिया में जिलाधिकारी ने खोली विद्यालय

हाईटेक शिक्षा लेेंगे कूड़ा बीनने वाले,शहर के स्लम एरिया में जिलाधिकारी ने खोली विद्यालय September 21, 2013 images फिरोजाबादः कूड़ा बीनने वाले दो दर्जन बच्चों के जीवन में जल्द ही नया सबेरा आने वाला है। स्लम एरिया में रहने वाले इन बच्चों को शिक्षित करने के लिए खुद जिलाधिकारी संध्या तिवारी ने पहल की है। उन्होंने एक हाईटेक स्कूल खोला है। इसमें अमीरों वाले स्कूल जैसी व्यवस्थाएं होंगी। इस स्कूल का उद्घाटन जल्द ही होगा। तैयारियों अंतिम दौर में चल रही है। शहर में बालश्रम नई बात नहीं हैं। शासन, प्रशासन और समाजसेवियों के तमाम प्रयासों के बावजूद हजारों की संख्या में बच्चे पढ़ाई छोड़ अपना पेट भरने की जुगत में लगे हैं स्लम एरिया में रहने वाले सैंकड़ों बच्चे सुबह आंख खुलते ही कूड़ा बीनने निकल जाते हैं। स्कूल जाना, पढत्राई करना इनकी दिनचर्या में शामिल नहीं है। जिससे वे धीर-धीरे समाज की मुख्य धारा से अलग हो जाते हैं। ऐसे बच्चों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण दिखाते हुए खुद जिलाधिकारी ने एक अनूठी पहल की है। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने एक ऐसा स्कूल खोलने का निर्णय लिया है। इसमें केवल गरीब और कूड़ा बीनने वाले बच्चों को पढ़ाया जाएगा। इसके लिए नगला करन सिंह में एक भवन किराए पर ले लिया गया है। इसकी रंगाई-पुताई कर स्कूल के माहौल में ढ़ाला जा चुका है। इमारत के दो कमरों में एक से पांच तक की कक्षाए संचालित होंगी। उनमें कुल 25 बच्चे पढ़ेंगे। इन बच्चों को किताब, काॅपी, लंच बाॅक्स, पानी की बोतल, डेªस बस्ता सब फ्री मिलेगा। इतना ही नहीं सरकारी स्कूलों की तरह यहां एमडीएम (मध्याह्न भोजन ) भी मिलेगा। भुगतान प्रशासन द्वारा निजी स्त्रोंतों से किया जाएगा। सब कुछ फ्री मिलने वाले इस स्कूल में व्यवस्थाएं हाईटेक होंगी। बैठने के लिए अच्छा फर्नीचर और बोर्ड लगाए जा रहे हैं। स्कूल में एक टीवी और डीवीड़ी है। इससे बच्चों को इंग्लिश मीडियम केस्कूलों की तरह वीडियो दिखाकर कविताएं, रेम्स और अन्य पाठ्यक्रम याद कराया जाएगा। बच्चों के खेलने की भी व्यवस्था है। स्कूल में दो छोटे झूले लगाए जा रहे हैं। स्कूल में सभी व्यवस्थाएं करने और बच्चों के एडमीशन की जिम्मेदारी जिलाधिकारी ने एएलसी को सौंपी है।

Tuesday, 17 September 2013

SOLID WASTE MANAGEMENT SOLUTION

WASTE MANAGEMENT SOLUTION 1. Municipal Solid Waste Audit Waste Audit is required to get the specific information about the waste generated at a specific location or geographical area. The audit process helps us to understand the problem related to the waste generated based on which the solutions can be provided for effective management of the waste generated. The solid waste generated can be characterized into various types according to the materials such as 1. Paper 2. Plastic 3. Glass 4. Fibers 5. Kitchen or Food Waste 6. Yard Waste 7. E-waste 8. Other wastes (Inert solids, construction waste and contaminated wastes ) We conduct survey and collect waste samples to measure the quality and quantity of waste generated. The qualitative and quantitative data is collected from concerned sources and stakeholders. The information collected is analysed and report is prepared based on the information collected. We have team of experts to conduct the waste audit process and recommend waste management solutions based on the solid waste generated. 2. Waste Handling and Management Waste generated should be managed by trained waste handlers and disposed properly to mitigate Green House Gases and other pollution generated otherwise. ‘Waste Reduction Programme’ - Scientific Solution to Municipal Solid Waste ‘Waste Reduction Programme’ which basically facilitates the integration of informal sector waste workers into a formalized system managed by our skilled staff. We organize collection of Municipal Solid Waste by using methods such as doorstep collection or community bin collection service. GSS runs a “Waste reduction” program which basically facilitates the integration of informal sector waste workers into a formalized system managed by its skilled staff. We have team of trained waste handlers to collect and manage waste. We promote recycling by segregation of waste and channelizing the same into recycling sector. A. Process of Waste Collection Service We organize collection of Municipal Solid Waste by using methods such as doorstep collection or community bin collection service. Collection is done regularly at pre-informed schedule or by acoustic announcement. The process of waste management is carried out through collection, segregation, transportation and recycling of recyclable waste. Waste is handled and managed from source point to end point, by streamlining it to a Materials Recovery Facility (MRF). B. Time and Duration of Waste Collection Service We start waste collection service at 0800 Hrs daily during summer and rainy seasons (1st March-31 October) and 0830 Hrs during winter season (1st November- 28 February). The waste collection will end by 1100 Hrs. Flexibility of 30 minutes is required for proper waste collection on holidays and during the festivals. C. Transportation The waste collected from the houses is taken to a common area ‘Temporary Collection Point’ and later loaded into a mechanised vehicle or transported on pedal rickshaw outside the premises depending on the amount of garbage generated in the premises. The temporary collection point is cleared once in a day. The collected garbage is transported to ‘Material Recovery Facility’ outside the premises (location is identified and constructed) after visiting the site of garbage generation. D. Segregation of Waste The collected waste is segregated and categerised ‘Dry’ and ‘Wet’. The dry waste is channelized to the recycling system and wet waste is composted or fed to animals in animal farms. Inert waste and other non-usable waste is dumped in the municipality designated sites or landfill. The following flowchart shows the proposed system of disposal of the municipal solid waste collected from the residential/ commercial premises. SOCIAL, ECONOMIC AND ENVIRONMENTAL BENEFITS OF WASTE REDUCTION PROGRAMME Global Sanitation and Other Services integrates informal waste collectors for doorstep waste collection. A. Social Benefits Integration of informal waste pickers. Reduction in occupational health hazards to waste pickers/collectors Improvement of livelihood status of waste collectors B. Economic And Environment Benefits Waste Pickers get constant income as long as they collect waste from points of waste generation or community bins. Waste going to landfill is reduced. Every Waste picker converts about 60-80 Kg of waste into resource by channelizing waste to recycling system. Cost of transportation of huge quantity of waste to landfill site is saved. Green house gas is mitigated, thus preventing lots of pollutants being released into the air. Water and Soil pollution is reduced through proper waste management solutions. Summary of Deliverables for waste collection and management process: a. Waste Collectors: As per requirement (common calculation is one waste picker for a group of 250 households) b. Waste Collection Time: 0800 Hrs to 1100 Hrs c. Uniforms to each waste collector d. Identity Card to each individual deployed by company e. Mechanised vehicle/ pedal rickshaw for waste transportation to Material Recovery Facility We assure our clients of our best quality of service with punctuality.

Saturday, 7 September 2013

GSS Company Profile


Company Profile

Global Sanitation & other Services Private Limited a registered private limited company under Companies Act 1956. It was established with the objective of providing security, housekeeping and waste management services and expertise to various organizations and/or business houses like office, hotels, shopping malls, call centers & guesthouses. It offers these services to residential & farm houses as well, including horticulture and gardening of plants, lawns, and to maintain hygienic and clean atmosphere. We have a team of experienced professionals who have in-depth knowledge about security, housekeeping and waste management services. We do not compromise on the quality of services we offer through a proper system of communication with the clients that enable us to understand their requirements and demands in a better way.

MANAGEMENT PROFILE

ACHYUT KUMAR PATHAK, (Director & Head ) A competent professional with over 13 years of extensive experience in General Administration, & Finance in Surya Roshni Limited , SEWA International NGO and CHINTAN Environmental Research and Action Group (Worked with CHINTAN, an Indian Govt. accredited NGO as a finance Head. Chintan works for Environmental Justice & Solid Waste Management in Delhi NCR.

SURYA PRAKASH, (Director) A competent Teacher (Math’s), R.K.Servodya Vidhyalay Sarita Vihar (2001-2008) New Delhi -76. He has expertise in ensuring high level of discipline and harmony. He is also working as Director of Omega Institute in Sarita Vihar.

SATISH SHARMA (Adviser & Trainer) A competent Inspector (retired), Central Reserve Police Force (CRPF), with over 25 years of extensive experience in general administration, initiatives and man management. He has expertise in ensuring high level of discipline and harmony. He has also worked as field officer in Security Services to get knowledge of this field.

ANIL KUMAR SINGH, (Manager - Operation ) A competent professional with over 10 years of extensive experience in General Administration, & Supervision of Major Safety related works, Security Solutions as a Area Security Officer. Security Solutions works for Security Guard Providing Company for all India.

Solid Waste Management Consultant

Brij Kishore (Manager – Solid Waste Alternatives Programmer)

Professional researcher and solid waste management specialist with over four years of research experience on informal waste management system and formalisation of informal waste collectors

Finance & Admin Work
Rashmi Lata (Manager) A competent A Competent professional with Admin & finance Work in Sarita Vihar Office.


SERVICES WE OFFER

Manned Security (Armed and Unarmed Security Guards)

We provide the most reliable and efficient security services and solutions, viz., provision of security guards, staff and management requirement and placement of security personals, for Corporate, Governmental and Industrial bodies. We have well trained and friendly security personnel who have vast knowledge about emergency situations and security watch & ward duties. Our team also includes ex-serviceman from the Paramilitary Forces which enables us to provide our customers with experienced manpower. The core strength of this division is its fully trained, non-unionized workforce. We can act as security consultants, advisors and security contractors.
As we are known and take this opportunity and pleasure in introducing ourselves as a brainchild of a team of hardcore and dynamic security professionals with vast experience in the field of corporate and industrial security and allied services. The organization is headed by a dynamic and innovative Para Military officer in his pursuit to provide a high quality of security services comparable to the best in the industry. Comparatively a new venture, the organization is poised to grow into an epitome of professional excellence and high standards of service.

The ever rising menace of organized crime in terms of murder, kidnapping, theft and extortion is a hard fact. The growing dimensions of this phenomenon underline the need for increasingly sophisticated methods and means to counter the danger posed by these elements. There is only one way to effectively combat organized crime: by employing specialized personnel trained and equipped to neutralize the threat. A number of highly effective anti-crime methods and operational tools have been developed and employed at “GSS” in its pursuit to achieve this aim. To achieve this, the company adopts a comprehensive approach from the word ‘go’ and while other aspects of security will be dealt with separately, in its offer of physical security.

Security Officers, Gunmen and trained guards to safeguard installations against theft, pilferage, vandalism and infiltration. Installations include Factories, Office Buildings, Shopping Malls and Shops, Banks, Diplomatic Missions – Chanceries and Residential Premises, Airport, Hotels, Petrol Pumps, Colonies and Houses.

Housekeeping

GSS provides services and expertise for various cleaning and housekeeping requirements like dusting, sweeping, mopping, garbage removal, scrubbing, rinsing, periodical requirements of thorough cleaning, washing, brass/chrome polishing, floor scrubbing, vacuum cleaning, high level cleaning, deep cleaning, dry and wet cleaning, sofa/carpet shampooing, cleaning of lamps and furniture items, facade cleaning and other facilities management services etc. as per the need of any facilities, organizations and/or business houses like office, hotels, shopping malls, call centers & guesthouses, residential & farm houses including horticulture and gardening of plants, lawns, and to maintain hygienic and clean atmosphere in the buildings, offices, plants, factories, houses.

Waste management (GSS) runs a “Waste reduction” program which basically facilitates the integration of informal sector waste workers into a formalized system managed by its skilled staff. We organize collection of Municipal Solid Waste by using methods such as doorstep collection or community bin collection service. Collection would be on a regular pre-informed schedule or by acoustic announcement. GSS identifies and recruits local waste pickers, issues them I-Cards and uniforms to carry out the services in a professional manner. The process of waste management is carried out through collection, segregation, transportation and recycling of recyclable waste, both industrial and municipal solid waste.

Training and development Training is a process in order to enhance a person’s knowledge, skills and expertise. GSS undertakes rigorous training of the personnel it deploys for various services it provides

Saturday, 10 August 2013

Our Services



SERVICES WE OFFER

Manned Security (Armed and Unarmed Security Guards)

We provide the most reliable and efficient security services and solutions, viz., provision of security guards, staff and management requirement and placement of security personals, for Corporate, Governmental and Industrial bodies. We have well trained and friendly security personnel who have vast knowledge about emergency situations and security watch & ward duties. Our team also includes ex-serviceman from the Paramilitary Forces which enables us to provide our customers with experienced manpower. The core strength of this division is its fully trained, non-unionized workforce. We can act as security consultants, advisors and security contractors.
As we are known and take this opportunity and pleasure in introducing ourselves as a brainchild of a team of hardcore and dynamic security professionals with vast experience in the field of corporate and industrial security and allied services. The organization is headed by a dynamic and innovative Para Military officer in his pursuit to provide a high quality of security services comparable to the best in the industry. Comparatively a new venture, the organization is poised to grow into an epitome of professional excellence and high standards of service.

The ever rising menace of organized crime in terms of murder, kidnapping, theft and extortion is a hard fact. The growing dimensions of this phenomenon underline the need for increasingly sophisticated methods and means to counter the danger posed by these elements. There is only one way to effectively combat organized crime: by employing specialized personnel trained and equipped to neutralize the threat. A number of highly effective anti-crime methods and operational tools have been developed and employed at “GSS” in its pursuit to achieve this aim. To achieve this, the company adopts a comprehensive approach from the word ‘go’ and while other aspects of security will be dealt with separately, in its offer of physical security.

Security Officers, Gunmen and trained guards to safeguard installations against theft, pilferage, vandalism and infiltration. Installations include Factories, Office Buildings, Shopping Malls and Shops, Banks, Diplomatic Missions – Chanceries and Residential Premises, Airport, Hotels, Petrol Pumps, Colonies and Houses.

Housekeeping

GSS provides services and expertise for various cleaning and housekeeping requirements like dusting, sweeping, mopping, garbage removal, scrubbing, rinsing, periodical requirements of thorough cleaning, washing, brass/chrome polishing, floor scrubbing, vacuum cleaning, high level cleaning, deep cleaning, dry and wet cleaning, sofa/carpet shampooing, cleaning of lamps and furniture items, facade cleaning and other facilities management services etc. as per the need of any facilities, organizations and/or business houses like office, hotels, shopping malls, call centers & guesthouses, residential & farm houses including horticulture and gardening of plants, lawns, and to maintain hygienic and clean atmosphere in the buildings, offices, plants, factories, houses.

Waste management (GSS) runs a “Waste reduction” program which basically facilitates the integration of informal sector waste workers into a formalized system managed by its skilled staff. We organize collection of Municipal Solid Waste by using methods such as doorstep collection or community bin collection service. Collection would be on a regular pre-informed schedule or by acoustic announcement. GSS identifies and recruits local waste pickers, issues them I-Cards and uniforms to carry out the services in a professional manner. The process of waste management is carried out through collection, segregation, transportation and recycling of recyclable waste, both industrial and municipal solid waste.

Training and development Training is a process in order to enhance a person’s knowledge, skills and expertise. GSS undertakes rigorous training of the personnel it deploys for various services it provides